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बुधवार, 18 जुलाई 2012

मैं शायर बदनाम .... मैं चला ... मैं चला ... राजेश खन्ना को समर्पित

राजेश खन्ना (29 December 1942 - 18 July 2012)
"  बाबू मोशाय, हम सब तो रंगमंच की कठपुतलिया हैं ... जिसकी डोर उस ऊपर वाले के हाथों में है जहाँपनाह , कब कौन कहाँ कैसे उठेगा ये कोई नहीं जानता ... हा हा हा ... बाबू मोशाय जिंदगी और मौत उस ऊपरवाले के हाथ में है उसे ना आप बदल सकते हैं ना हम "  

अपने बाबू मोशाए को जाते जाते भी यह सीख दे कर जाने वाला 'आनंद' आज सच मे चला गया ... फिर कभी भी लौट कर न आने के लिए ... और कमाल की बात यह कि हम रो भी नहीं सकते ... हमारे रोते ही फिर नाराजगी भरी आवाज़ सुनाई देगी ... "पुष्पा, मुझसे ये आसू नहीं देखे जाते, आई हेट टीयर्स ..." साथ साथ अपना दर्द भी वो बयां कर देगा ... " ये तो मै ही जानता हूं कि जिंदगी के आखिरी मोड़ पर कितना अंधेरा है ... मै मरने से पहले मरना नहीं चाहता ..."

वैसे कितना सही कहता था न वो ... "  किसी बड़ी खुशी के इंतजार में हम अपनी ज़िन्दगी मे ये छोटे-छोटे खुशियों के मौके खो देते हैं... "

सुनते है उस खुदा के घर जो देर से जाता है उसको सज़ा मिलती है ... पर यहाँ भी अपना हीरो आराम से बच निकलेगा यह कहते हुये ... "  मै देर से आता नहीं हूं लेकिन क्या करूं, देर हो जाती है इसलिए माफी का हकदार हूं, अगर फिर भी किसी ने ना माफ किया हो तो मै यही कहना चाहता हूं हम को माफी देदो साहिब... "
राजेश खन्ना साहब के गुज़र जाने की खबर जैसे जैसे फैलती गयी लोगो की श्रद्धांजलि की जैसे एक बाढ़ सी आ गयी फेसबूक , ब्लॉग , ट्विटर, आदि पर ...
फेसबूक पर हिन्दी ब्लॉग जगत ने कैसे इस महान कलाकार को अपनी श्रद्धांजलि पेश की उस की एक झलक हम आपको यहाँ दिखा रहे है !

Zindagi kaisi hai paheli haai...R.I.P. Rajesh Khanna

नफ़रत की दुनिया को छोड के प्यार की दुनिया में , खुश रहना मेरे यार ......जाने क्यों आज रह रह के यही गाना मेरे ज़ेहन में गूंज़ रहा है जबसे राजेश खन्ना के जाने की खबर सुनी है । ये ज़माना तुम्हें युगों तक याद रखेगा काका
‎"आनन्द" मरा नही करते
अनन्त "सफ़र" पर चल देते हैं
फिर चाहे "दाग " लगाये कोई
"अमर प्रेम" किया करते हैं
"आराधना " का दीया बन
"रोटी " की ललक मे
"अवतार " लिया करते हैं

एक बेजोड शख्सियत
जो आँख मे आँसू ले आये
वो ही तो अदाकारी का परचम लहराये ……नमन !

Sad to see two stalwarts of Hindi Film Industry (Dara Singh and then Rajesh Khanna) going away one after the other in quick succession ...
बाबू मोशाय..... !!!
मैं फिर आऊंगा रे...
RIP !!! Rajesh khanna.... :-(
अरे ,'आनंद' नहीं रहा :-(
दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना जी को हार्दिक श्रद्धांजलि ।
श्रध्‍दांजलि............
आज फिर किशोर दा याद आए। उनकी आवाज काका पर जितनी फिट बैठती थी, उतनी शायद किसी और के न बैठी हो।


अकेला गया था मैं हां, मैं न आया अकेलाSSSSSSSS


जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम

और ऐसे ही सैकड़ों गीत, मैं किशोर दा के समझ के समझ के सुनता रहा, बाद में वीडियो देखे तो पता चला कि ये तो काका के लबों पर सजे थे...

अब दोनों ही लिजेंड नहीं हैं और दोनों जिंदा है यादों में...

बाबू मोशाय !
ये दुनिया रंगमंच हैं.......... और हम तो रंगमंच की कठपुतलियाँ हैं........जिसकी डोर उपरवाले के हाँथ में है..........कब कौन उठेगा.........ये कोई नहीं जानता !

बॉलीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना को श्रद्धांजलि !
बस आज तो फेसबुक राजेश खन्ना के नाम कर दो......इस सबक के साथ कि कोई भी हो एक दिन सब ने चले जाना है...कोई पहले कोई बाद में। रूप का,पैसे का,रुतबे का अहंकार मत करो....सब यहीं रह जाएगा।
KAKA is no more.........May his soul rest in peace.
सुबह आती है, रात जाती है
सुबह आती है, रात जाती है यूँही
वक़्त चलता ही रहता है रुकता नहीं
एक पल में ये आगे निकल जाता है
आदमी ठीक से देख पाता नहीं, और परदे पे मंजर बदल जाता है
एक बार चले जाते हैं जो दिन-रात सुबह-शाम
वो..फिर नहीं आते...वो..फिर नहीं आते..
हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना को उन्हीं पर फिल्माए गीत के द्वारा श्रद्धांजलि >>>>
कुछ लोग भले ही भूल जाते हैं..पर वे भुलाये नहीं भूलेंगे>>>>
http://www.youtube.com/watch?v=1v1eNMuu-nk
मुझे नहीं मालूम बेहद छोटी उम्र में आनंद देखकर मैं क्यों सुबक पड़ा था और फिल्म देखते वक्त उसके बच जाने की क्यों दुआएं कर रहा था |राजेश खन्ना को मैंने तभी से दूसरी दुनिया का रहने वाला कोई एक मान लिया था जब आनंद देखी थी |
kAKA NAHI RAHE!
वह राजेश खन्ना की अदाकारी का ही जलवा था कि अभी कुछ दिनों पहले आनंद फिल्म देख रहा था और साथ ही साथ भोजन भी चल रहा था। आनंद के प्राण त्यागने वाले सीन के बाद भोजन गले से नीचे नहीं उतरा, थाली सरका दी और मुंह-हाथ धोने वाश बेसिन की ओर चल पड़ा।

पीछे से बेटी को कहते सुना "पापा लगता है बहुत बड़े फ़ैन हैं राजेश खन्ना के"।
‎"मौत तू एक कविता है,
मुझसे एक कविता का वादा है मिलेगी मुझको
डूबती नब्ज़ों में जब दर्द को नींद आने लगे
जर्द सा चेहरा लिये जब चांद उफक तक पहुचे
दिन अभी पानी में हो, रात किनारे के करीब
ना अंधेरा ना उजाला हो, ना अभी रात ना दिन
जिस्म जब ख़त्म हो और रूह को जब साँस आऐ
मुझसे एक कविता का वादा है मिलेगी मुझको"

अलविदा 'आनंद' - तुम बहुत याद आओगे ...
 
राजेश खन्ना जी को पूरे हिन्दी ब्लॉग जगत की ओर से शत शत नमन और विनम्र श्रद्धांजलि |

8 टिप्‍पणियां:

  1. हार्दिक श्रद्धांजलि :-(

    आपका यह प्रयास सराहनीय है.

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  2. दिवंगत राजेश खन्‍ना पर न्‍यूज चैनलों में होड लगी रही सबसे घटिया कार्यक्रमों की पस्‍तुति की और बाजी मारी एबीपी न्‍यूज ने रात 11 से पौने बारह बजे तक... एक घटिया सी भाव भंगिमा के साथ उसके एक एंकर ने अर्धनग्‍न कपडे पहनकर जिस अंदाज में कार्यक्रम पेश किया उसने सोचने पर मजबूर कर दिया कि न्‍यूज चैनल किस दिशा में जा रहे हैं...... शर्म आनी चाहिए स्‍टार न्‍यूज... माफ कीजिए अखिल भारतीय पैड न्‍यूज... माफ कीजिए एबीपी न्‍यूज.....!!!!!!!

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  3. श्री राजेश खन्नाजी को शत शत नमन और विनम्र श्रद्धांजलि ... एक्टिवे लाइफ

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  4. यूं तो कल से अब तक लगातार राजेश खन्ना जी के बारे में वो वो बातें पता चलीं जो शायद अब तक हमें नहीं मालूम था , मगर इस बात ने बहुत दुख पहुंचाया कि उनका दिल बार बार टूटा ....या शायद हर बार उन्हें टूटने दिया उन्होंने

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  5. ओह, मैंने सोचा कि मैंने लिखा और मैंने ही पढ़ा, ज्‍यादा किसी को पता नहीं चला...


    आपने तो पढ़ा भी यहां लाकर सम्‍मान दिया...

    धन्‍यवाद झाजी... :)

    उत्तर देंहटाएं

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