इसमें कोई संदेह नहीं कि व्हाट्स एप्प ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स में खुद को सांझा करने के अन्य सभी प्लेटफ़ार्मों को पीछे छोड दिया है किंतु , फ़ेसबुक अब भी रत्ती भर भी निष्क्रिय नहीं हुआ है इसलिए हमारी मित्र मंडली में कही सुनी बातों को यहां इस ब्लॉग पोस्ट पर सहेज़ लेते हैं , देखिए आज की किस्सागोई :

बेटे के पास हूँ, यहाँ नेट चल नहीं रहा तेजी से,
ठंड इतनी कि सुबह कुहरे में आती है …मैं बोलती हूँ रोज
गुड मॉर्निंग फेसबुक

ये ढेर सारी सुन्दर स्त्रियों की तस्वीरों वाली फेक आईडीज़ से मुझे रोज़ रिक्वेस्ट क्यों आ रहे हैं बरखुरदार? क्या मैं इतनी सुन्दर दिख रही हूँ कि रियल न लगकर खुद भी फेक का ही अहसास कराऊँ?

बिना नहाए नाश्ते का आनंद दूना हो जाता है wink emoticon

आतंकियों के परिजनों ने कहा कि आतंकियों पर गोली न चलाएं, हम उनका आत्मसमर्पण करवा देंगे. कर्नल एमएन राय ने उनकी बात मान ली और उन्हें शहीद होना पड़ा. यही आतंकियों के परिजन, भाड़े के टट्टू कहते हैं कि अफस्पा हटाओ और हम उन्हें सिर पर उठाए फिरते हैं - पांच साल से भूख हड़ताल पर, आठ साल से अनशन पर, दस साल से धरने पर...... इन तक रोटी पहुंचनी ही क्यों चाहिए?

इस बार संकल्प के साथ मनोहर श्याम जोशी की साहित्यिक जीवनी लिखने का काम शुरू किया है. उनके बारे यह तथ्य है कि 'हमलोग' के माध्यम से उन्होंने भारत में टेलिविजन धारावाहिक लेखन की शुरुआत की. उनके इस असाधारण कैरियर के बारे में हिंदी में न के बराबर लिखा गया है. यही नहीं 'कुरु कुरु स्वाहा' के रूप में हिंदी का पहला उत्तर आधुनिक उपन्यास भी उन्होंने ही लिखा था. दुआ कीजिए कि हिंदी के चौखटे तोड़ने वाले उस विराट लेखक के व्यक्तित्व पर यह मुकम्मल किताब इस बार पूरी हो जाए.

हमने देखा है कि :
जब कोई पुरुष अपनी प्रोफ़ाइल फोटो बदलता है तो ९०% लाइक्स और कमेंट्स पुरुषों के ही होते हैं !
लेकिन जब कोई महिला अपनी फोटो डालती है तो भी ९०% लाइक्स और कमेंट्स पुरुषों के ही होते हैं !
समझ मे नहीं आता कि तारीफ़ करने मे महिलाएं इतनी कंजूस क्यों होती हैं !
या फिर पुरुषों की पसंद का थ्रेशहोल्ड लेवेल बहुत कम होता है !

Neeraj की इस बात से पूर्णतया सहमत हूँ कि नूज़ चैनल्स को शहीदों के बिलखते बच्चों की तस्वीरें नहीं दिखानी चाहिए
इतना हौसला नहीं है हममें
यह तो आतंकियों की हौसला अफजाई है

Shivam Misra
feeling सूत्रों से मिली जानकारी।
ओबामा साहब ने मोदी जी को ACP प्रद्युम्न से सिफारिश करने के लिए कहा है ताकि दया FBI वालों को दरवाज़ा तोड़ने की 'अपनी कला' सिखा सके।

अब ये तय कैसे हो कि सबसे अच्छा मित्र कौन. . .
Close friend
Best friend
Good friend

तड़ तड़ा तड़ाक की जोरदार आवाज के साथ
खिड़की के शीशों से टकरातीं हैं बारिश की बूँदें
जैसे कहतीं हैं "उपस्थित", जताती हैं अपना अस्तित्व,
और फिर विनम्रता से, फिसल कर हो जातीं हैं लुप्त।
पर छोड़ जातीं हैं अपने निशाँ, साफ़ शीशे की शक्ल में.
(शिखा वार्ष्णेय)
एक ताज़ा तस्वीर, एक ताज़ा ख़याल...


बेचैनियों के नाम पते नहीं होते
जो खोजने को भेजे जा सकते खोजी दस्ते
और हर बार इश्क की खुमारी हो जरूरी तो नहीं न .............

हिंदी पुनः भारत माता के भाल की बिंदी होने की ओर,
नारी गौरव की प्रतिस्थापना का पुनीत प्रयास,
दूरदर्शन की दुर्दशा का अंत,
जनसामान्य के स्वाभाव में स्वच्छता के भाव जगाने और स्थायीकरण का प्रयास,
सरकारी कार्यालयों को अकर्मण्यता मुक्त करने का प्रयास....आदि आदि...
राष्ट्र के प्रगति के साथ साथ गौरव प्रतिस्थापन की ओर किये जाने वाले पुनीत और उत्साहजनक प्रयास हैं ये।कालान्तर में इसके शुभ परिणाम सुस्पष्ट दिखने लगेंगे।

भीतर निर्मम वस्तुनिष्ठा हो और स्वयं का विश्लेषण एक निष्पक्ष न्यायाधीश की तरह चलता रहे तो बहस, तर्क वितर्क, शास्त्रार्थ, डिबेट आदि व्यर्थ हैं। ये समय नष्ट करने के कारण भर हैं। संसार में सबके पास अपने पक्ष में तर्क हैं और हर उस तर्क के सामने उतना ही शक्तिशाली वितर्क खड़ा है। डिबेट और सिद्ध करने की कौन कहे, इलहामी भी कर लेते हैं
आज के लिए इतने ही कतरे पर्याप्त हैं , मिलते हैं फ़िर कुछ दोस्तों के रोचक अपडेट्स के साथ ………………………………..कीप ब्लॉगिंग , कीप स्माइलिंग