हमारा
देश भ्रष्ट लोगों के हाथ में है..लूटेरों के हाथ में है...ज्यादातर
राजनेता भ्रष्ट हैं और हमने ही उन्हें जीताया है...हम क्यों उन्हें जीतातें
हैं उन्हें क्यों मालाएं पहनातें हैं....कोई नेता चाहे भ्रष्ट हो हम
उन्हें मालाएं पहनाने की होड़ में लग जाते है....हमारी मानसिकता क्या
है...अपनी अपनी पार्टियों का पक्ष लेते हैं...चाहे उनमे कितने ही भ्रष्ट
क्यों न भरें पड़ें हों....
बहुत
पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं, तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान
लेते हैं...मौसम भी कर रहा है, जैसे अनजाने परिंदों का इस्तकबाल...जो अपने
परों और पंजों में खुशियों के बीज समेटकर लाएंगे और मेरे दिल के वीराने
खेतों को आबाद कर देंगे मोहब्बत की फसल से। ऐसा होगा...होगा ज़रूर।
एक
अदीब कहानी की नायिका की तलाश में शहर के हर संभ्रांत घर में गया. वहां
उसकी नायिका मिली मगर किसी संभ्रांत महिला के रूप में नहीं, बल्किं उन घरों
में पोछा, झाड़ू, कपडे धोती नौकरानी में. शहर के आखिरी घर को खंघालने के
बाद अदीब गुस्से और छोब से नौकरानी के पीछे - पीछे चल पड़ा और लिख डाली
उसकी कहानी. कहानी को पढने के बाद लोगों के गुस्से से थरथराते होठों से
केवल एक ही शब्द निकला 'अश्लील'. - बदचलननामा
जोश
में होश नहीं गंवाना चाहिए पर, शांति के नाम जोश की हवा भी नहीं निकालनी
चाहिए। आप पत्रकार हों या न हों, सनसनीखेज और कुख्यातों को कभी अभयदान नहीं
देना चाहिए। उसका क्रमिक तरीके से और बारिकी से नाश कर देना चाहिए ताकि
गंगा में कोई पापी न धुले और गंगा साफ रह सके। इस सबके लिए योजनाबद्धता और
धीरज की आवश्यकता होगी। यह कभी न भूलें।
सरकार
को आखिरकार CBI का ulternate मिल गया है ..अब उसकी जगह लेने वाली है ..CID
....SONY TV वाली CID ..पर डे के हिसाब से एक केस हल कर देगी रात को ..फ़िर
अगले दिन ...दिन में उसी केस को फ़िर से solve कर देती है ..बेटवा ने बताया
..अरे पापा रिपीट होता है वो ..बताओ यार CBI ...एक बार नहीं हल कर पाती
..sony की CID ..दिन रात में दो बार ..
मनमोहन
सिंह ने एक वित्त मंत्री के रूप में जितनी ख्याति अर्जित की थी एक
प्रधानमंत्री के रूप में उतना ही अधिक घिना दिए हैं , अब तो लंबर माईनस में
मिल रहा है उनको ..न हो रहा हो तो उन्हें , अपनी ईमानदारी बचाए रखने के
लिए ,..अब पद्मनाभ मंदिर के खाली तहखाने में बंद करके रख देना चाहिए
जिस
तरह से ईमानदारी प्रधानमंत्री के सभी मंत्री एक लंबर के बेइमान , घूसखोर ,
लालची , घोटालेबाज निकल रहे हैं ....ई मोहन बबा केतना दिन ..अपना ईमानदारी
वाला सीडी को रिपले करेंगे ..जनता अगला लिंक पर क्लिक करने के लिए बेहाल
है ..
जिस
तरह से एक एक करके सारे मनमोहिनी मंतरी लोग तिहाड पहुंच रहे हैं उसको
देखते हुए सरकार ये फ़ैसला लेने की सोच रही है कि फ़िर ,संसद के पास ही क्यों
न तिहाड का एक ब्रांच खोल दिया जाए ..सुना है इससे संसद में खुशी की लहर
दौड गई है .
पोस्ट में फ़ेसबुक मित्रों की ताज़ा बतकही को टिप्पणियों के खूबसूरत टुकडों के रूप में सहेज कर रख दिया है , ...अब आप बताइए कि आपको कैसी लगे ..इन चेहरों के ये अफ़साने
अरे वाह बड़ी जल्दी यहं अपन दर्ज हो गए....
जवाब देंहटाएंchalo hum bhi yahan hai ...magar sach kahu to maja aa gaya is post ko padhkar ..ek sahi aur sahandar post
जवाब देंहटाएंmast. jhakaas...
जवाब देंहटाएंबहुत रोचक...
जवाब देंहटाएंयह बड़ा प्यारा सम्मिलन है फेसबुक और ब्लॉग का :)
जवाब देंहटाएंसही दर्ज हो गया ईंहा!!
जवाब देंहटाएंसही है भाई साहब ... सब दर्ज होता जा रहा है ...
जवाब देंहटाएंbahot hi rochak..........
जवाब देंहटाएंफेस का चिट्ठा या चिट्ठे का फेस
जवाब देंहटाएंजो भी हो हम करते रहेंगे जी फेस