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बुधवार, 25 दिसंबर 2013

दीवारों पे कुछ लिख कर छोडा है

 

ABP News

आप सभी को ABP News की तरफ से क्रिसमस की शुभकामनाएं..!!

आप सभी को @[153808061303123:274:ABP News] की तरफ से क्रिसमस की शुभकामनाएं..!!

 

 

बेचैन आत्मा shared चित्रों का आनंद's photo.

पानी में सीप जइसे प्यासल हर आत्मा
प्यास बुझी कउने जल से ? ...केहू जाने ना।
ओहरे...

चित्रों का आनंद's photo.

 

 

Anshu Mali Rastogi

सो जा प्यारे नहीं तो ईमानदार आ जाएंगे।

 

 

Awesh Tiwari

आज मिल गए हौजखास चौराहे से पहले की लालबत्ती पर अजहर और आलिया ,एक के पैर में स्टील के जूते तो एक के पास दो बैसाखियाँ ,दोनों अपने कई पहियों वाले स्कूटर पर |भीड़ में तेजी से नई इनफिल्ड से आगे बढ़ रहे एक लड़के ने पटरी से थोडा आगे खड़े एक बच्चे को जैसे ही धक्का मारा ,अजहर तेजी से चिलाया अब्बे साले रुक तो ..आवाज का जोर देखने लायक था ,खैर बच्चे को चोट नहीं आयी ,अजहर की आवाज ने थोडा काम किया आगे खड़े ट्रेफिक पुलिस वाले ने बाकी बचा काम पूरा कर दिया गया |बड़ा शहर कमजोर और ताकतवर का फासला कम कर देता है |

 

 

 

Darpan Sah

खुद को ताउम्र सहन करना
बने रहना ख़ुद के साथ हमेशा
कभी खुद को भूला न पाए
कभी खुद की याद न आये
अपने को खोजना दरअसल घुप्प अँधेरे में सुई खोजने नहीं
वो है अँधेरा खोजना
अपना होना बाकी सब की अनुपस्थिति मात्र है
इससे अधिक कुछ नहीं
इतना सा भी नहीं
कान बंद करके सुना जा सकता है जिसे
आँख बंद करके देखा जा सकता है उसे
महसूस किया जा सकता है जिसका स्पर्श
सारी सम्वेदनाओं को नकार के
असत्य है ये कथन कि मैं उदास हूँ
मैं खुद को खुद ही उदास करता हूँ,
मेरे पास मेरा कोई विकल्प नहीं
मृत्य भी नहीं
आत्महत्या करना भी खुद की उम्मीद करना ही है
अपने को स्वीकारना.
कुछ लिखने या कहने से अधिक बड़ी अभिव्यक्ति
रोना और चार सौ कविताएँ पढना
अन्यथा कुछ भी तो न पढ़ता
और अगर पढ़ता तो
कोई कविता अधूरी पढ़े बिना नहीं छोड़ता
और जब मैं अपने को जानने के बावज़ूद
प्रेम कर सकता हूँ अपने से
तो कोई कारण नहीं कि फिर मैं किसी और से प्रेम न करूं.
बाकी सब तो फिर भी अपेक्षाकृत कम 'मैं' हैं.

 

 

Parveen Chopra

जहाँ तक मुझे याद है लगभग 30 वर्ष पहले के दिनों में घर में एक अदद कमबख्त टेलीफोन की डायरेक्टरी होना एक अच्छा खासा स्टेटस सिम्बल हुआ करता था चाहे घर में किसी को देखनी आये या न आये.....इतनी हिमाकत की डायरेक्टरी में अपना या अपने बापू का नाम देख कर मेट्रिक की मेरिट लिस्ट वाली सूची भी छोटी दिखती थी......इस विषय पर कल विस्तार से लिखूंगा.....अपने यादों के झरोंखों से कुछ इसमें दराज करवाना हो तो बतायेगा।

 

 

Gyan Dutt Pandey

आज कोहरा कम है। माल गाड़ियां कुछ ठीक चलने की सम्भावना है। गाना गुनगुनाने का मन हो रहा है।
वर्ना आई-बकुली हेराई हुई थी!

 

 

 

Sangita Asthana

खुदा हमको ऐसी खुदाई न दे कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे

 

 

Baabusha Kohli

बीती रात लाल टोपी वाला बाबा मेरे तकिये के पास बड़ा क़ीमती तोहफ़ा रख गया. इस तोहफ़े को 'सबक' कहते हैं.
माँ ने कहा - "ब्रह्म मुहूर्त में मिला सबक तेरे जीवन के युद्ध का ब्रह्मास्त्र बने, बाबुषा ! "
कल मेरी 'बड़ी रात' थी. आज मेरा 'बड़ा दिन' है.
[25 दिसम्बर, 13 की डायरी]

 

 

 

Shailja Pathak

बहुत सर्दी है
मखमल के पुराने शाल में
इया अपने को लपेटती
लिपट जाती कम्बखत बेटे की याद
बुझती बोरसी की आग
फिर से सुलग जाती
इया कोई गीत गुनगुनाती
दूर निर्जन रास्तों पर
दौड़ते पैरों के निशाँ है
फिर भागता शहर भी है आगे
एक दस्तक की आस में इया
बार बार बंद सांकल खोलती
उदासी बंद हो जाती
उनकी चुनौटी की डिबिया में
सफेदी बनकर
दर्द बेजुबान होता है इया
लाल बोरसी के करीब रखी हथेलियाँ
अब नही जलती
फफोले सखत पर्दों में है .....

 

 

 

Reeta Vijay

लोकप्रियता की खातिर अपने सिद्धांत न बेचें वरना आप पूरी तरह से दिवालिया हो जाएंगें !!!

 

 

Rashmi Prabha

कुछ लोगों के रिव्यु से मैं इस निष्कर्ष पर आई हूँ कि कुछेक लोग दिमाग से फ़िल्म या जीवन को नहीं देखते, गन्दगी को वे घृणित भाव से नहीं देखते - अचानक मुझे ऐसे लोगों में दिलचस्पी हुई … दिलचस्पी यानि अच्छा लगा कि ये ज़िन्दगी को कितने समभाव से हाहाहाहाहा करके गुजार लेते हैं - प्रॉब्लम तो तब होगी न जब दिमाग लगाया जाए और उसे सॉल्व करने के लिए अपनी जगह से उठा जाये !!!

 

 

Amitabh Agnihotri

दामन पे न कोई छींटे,न खंजर पे कोई दाग फ़राज़ !!!!
तुम क़त्ल करते हो , या कि करामात करते हो ?????

 

 

अरुन शर्मा अनन्त

मौत के साथ आशिकी होगी,
अब मुकम्मल ये जिंदगी होगी,
उम्र का ये पड़ाव अंतिम है,
सांस कोई भी आखिरी होगी,
आज छोड़ेगा दर्द भी दामन,
आज हासिल मुझे ख़ुशी होगी,
नीर नैनों में मत खुदा देना,
सब्र होगा अगर हँसी होगी,
आखिरी वक्त है अमावस का,
जल्द हर रात चाँदनी होगी.

 

 

Niraj Mishra

भूख ही सबसे बड़ा धर्म है, सबसे बड़ा देवता है
कलीमुद्दीन तो भूख की भट्ठी में
खाक हो गया था
..............................नागार्जुन

 

 

Lalit Joshi

कौन कहता है आसमाँ पर छेद नहीँ होता
ओजोन परत को एक दफा देख तो लो यारोँ
:))

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ कड़ियाँ (26 दिसंबर, 2013) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,,सादर …. आभार।।

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